शिव विश्वनाथन भारत के उन चुनिंदा विद्वानों में से एक हैं जिन्हें विज्ञान और समाज के आपसी संबंधों की गंभीर समझ है। देश-विदेश की प्रमुख पत्रिकाओं में उनके आलेख समय-समय पर प्रकाशित होते रहते हैं। उनकी एक किताब प्रकाशित...
इस बार भी 30 जनवरी को हम महात्मा गांधी की पुण्यतिथि मना रहे हैं। यह गांधी जी की 70वीं पुण्यतिथि है। 30 जनवरी, 1948 को नाथूराम गोडसे ने 78 साल के गांधी को गोली मार दी थी। गांधी इस...
 यह लेख द इंडियन एक्सप्रेस के ऑपीनियन पेज पर छपे लेख 'ब्रोकेन प्रॉमिसेज़' की हिंदी में प्रस्तुति है. इस लेख को लिखने वाले सुखदेव थोरात, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली के अवकाशप्राप्त प्रोफेसर हैं. भारतीय जनता पार्टी के आम चुनावों...
सुभाष चन्द्र बोस आजादी की लड़ाई के सबसे मुखर और ओजस्वी नाम माने जाते हैं. उन्होंने न केवल देश में रहते हुए अपने विश्वासों के आधार पर आजादी की लड़ाई में योगदान दिया बल्कि विदेशी धरती पर रहकर भी...
फ्रांस में 1981 तक कैपिटल पनिशमेंट का चलन रहा. फ्रांस की क्रांति के दौरान किंग लुईस सोलह और मैरी एन्टोएनिटी के काल में किसी को भी सजा देने के लिए गिलोटिन प्रक्रिया का मुख्य रूप से इस्तेमाल किया जाता...
जॉन एलिया वजूद के हर एक इंच तक शायर थे जिंदगी से रूठी हुई रचनाओं से मेरा बहुत करीब का वास्ता है. यह रचनाएँ, चाहें वह किसी भी प्रारूप में हों, मुझे अपनी ओर खींचती रही हैं. इस खिंचाव की...
इस लेख का शुरुआती अंश 'द इंडियन एक्सप्रेस'  के 'ऑपीनियन पेज'  पर 'Dear friend, speak up' शीर्षक से छपे पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के पत्र का हिंदी अनुवाद है. सिन्हा अब तक भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ नेता...
आखिरी बहुज्ञानी: बेनेडिक्ट एंडरसन एक विद्वान और इंसान के तौर पर (रामचंद्र गुहा ने यह लेख करीब दो साल पहले बेनेडिक्ट एंडरसन के देहांत के बाद प्रतिष्ठित अंग्रेजी रिसर्च पत्रिका इकनॉमिक एंड पॉलिटिकल वीकली के लिये लिखा था. यहां हम...
एक तस्वीर दिल्ली की हवाओं की है और दूसरी प्रधानमंत्री के फिटनेस चैलेन्ज की . एक तस्वीर दिल्ली की अंधड़ बनती सड़कों की है और दूसरी उस हरी घास के मैदान की ,जहां प्रधानमंत्री अपनी सुबह की शुरुआत को...
केंद्र सरकार ने रोजगार सृजन के तमाम वादे किये हैं. नरेंद्र मोदी ने अपनी चुनावी रैलियों में कहा था कि हर साल एक करोड़ रोजगार पैदा किये जायेंगे. इसके बावजूद देश में बेरोजगारों की संख्या बढ़ रही है. श्रम...

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