काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में हुए अपने अभिनन्दन समारोह में भूतपूर्व कुलपति जी सी त्रिपाठी ने कहा कि 'हाँ, मैंने मजबूरी में अयोग्यों की भी नियुक्ति की।' यह एक वाक्य भारतीय शिक्षा व्यवस्था की दुर्दशा के कारणों को सामने ला...
पुलिस आयेगी और मामले की जांच करेगी. यही भरोसा लोकतंत्र की रीढ़ है. ये भरोसा न होता तो चुनी हुई सरकार और लिखे हुए संविधान का कोई मतलब नहीं होता. ये भरोसा न होता तो एक बूढ़ा बाप ये...
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || ).push({}); आजकल यूट्यूब और वाट्सएप्प पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. इसे ‘सोनिया गांधी का काला सच’ और ‘सोनिया की डार्क मिस्ट्री’ जैसे नाम दे कर फैलाया जा रहा है. इस वीडियो...
लोकतांत्रिक राजनीति कई मायनों में खास है. एक खासियत ये भी है कि काफी वक्त से दबे पर जरूरी सवालों को नागरिक समाज संघर्ष के जरिए उभार सकता है. राजनीति उन सवालों की सुनवाई करती है. और सत्ता में...
जब भी किसानों की बात होती है. हमें गरीबी, बदहाली ही स्क्रीन पर दिखाई जाती है. पर एक किसान हमें ऐसे भी मिले जो सालों से किसान विरोधी सरकारों को झेलने के बावजूद मैं घास हूं तुम्हारे हर किये-धरे...
निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर पूरे देश में बहस चल रही है. तमाम पहलुओं पर लोग विचार और टिप्पणियां कर रहे हैं. इस बीच इस लेख को पढ़ा जाये, जो न तो किसी समुदाय विशेष...
यह रिपोर्ट जुलाई,2017 में प्रकाशित होनी थी पर एक तथाकथित महान संपादक की अनदेखी के चलते ये ठंडे बस्ते में पड़ी रही. आप पढ़ें और विचार करें कि क्या इतनी समस्याओं के बाद भी खेती-किसानी कोई की जा सकती...
शिव विश्वनाथन भारत के उन चुनिंदा विद्वानों में से एक हैं जिन्हें विज्ञान और समाज के आपसी संबंधों की गंभीर समझ है। देश-विदेश की प्रमुख पत्रिकाओं में उनके आलेख समय-समय पर प्रकाशित होते रहते हैं। उनकी एक किताब प्रकाशित...

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