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राग रंग सिनेमा

'रेड'(Raid) देखी, अच्‍छी लगी! 'ईमानदार अफसर' और 'भ्रष्‍ट नेता' को लेकर हिंदी सिनेमा ने जो स्‍टीरियोटाईप गढ़ रखा है यह सिनेमा भी उससे पूरी तरह तो नहीं पर बहुत हद तक अलग लगी। हिंदी सिनेमा के स्‍टीरियोटाईप में ईमानदार...
अनिमेष मुखर्जी बंगाली हैं पर कलकत्ता से नहीं हैं, फर्रुखाबाद से हैं. पर आप एक भद्रलोक बंगाली की तरह इनसे चित्रकला से लेकर मूर्तिकला और राजनीति से लेकर सिनेमा तक की चर्चा आसानी से कर सकते हैं. ऊब जायें...
प्रिये साथी! तुम जानते हो मुझे आये दिन बेवजह ही प्रेम में पड़ जाने की आदत है। मैं एक घुमंतू प्रेमी हूँ। जिसे घूमते भटकते लोगों से प्रेम हो जाया करता है। यह प्रेम बहुत लंबे समय तक नही टिकता।यह...
कविता क्या है खेती है, कवि के बेटा-बेटी है, बाप का सूद है, मां की रोटी है मैं तब तक कवितायें पढ़ा करता था जब तक मेरी मुलाकात विद्रोही से नहीं हुई थी; रमाशंकर यादव 'विद्रोही'। उनसे मिलने के बाद...
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || ).push({}); प्रकाश के रे वरिष्ठ पत्रकार हैं. भारत मे अंतराष्ट्रीय मसलों के चुनिंदा जानकर लोगों में से एक हैं. विश्व राजनीति के साथ-साथ मीडिया, साहित्य और सिनेमा पर भी आप गहरी...
प्रकाश के रे वरिष्ठ पत्रकार हैं. भारत मे अंतराष्ट्रीय मसलों के चुनिंदा जानकर लोगों में से एक हैं. विश्व राजनीति के साथ-साथ मीडिया, साहित्य और सिनेमा पर भी आप गहरी समझ रखते हैं. ------------------------------------------------------------------------------------------------- मलयालम साहित्य में मॉडर्निज़्म के सशक्त हस्ताक्षर...
प्रकाश के रे वरिष्ठ पत्रकार हैं. भारत मे अंतराष्ट्रीय मसलों के चुनिंदा जानकर लोगों में से एक हैं. विश्व राजनीति के साथ-साथ मीडिया, साहित्य और सिनेमा पर भी आप गहरी समझ रखते हैं. _________________________________________________________________________ कार्ल मार्क्स का कहना था कि पैसा...
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || ).push({}); यह लेख मैंने अम्बर्तो के जन्मदिन पर 5 जनवरी को लिखा था, जो आप तक आज पहुंच रहा है। लेकिन ऐसी शख्सियत का आपसे रूबरू होना बहुत जरूरी है क्योंकि यह वक्त पोस्टट्रुथ...
मेरे गुरू जी कहते हैं कि कभी भी सिनेमा की समीक्षा उसके तकनीकी पहलुओं पर नहीं करनी चाहिये. सिनेमा एक आर्ट फॉर्म है, जिसमें प्रभावोत्पादकता होती है. फिल्म रिव्यू साधारण दर्शक के लिये लिखे जाते हैं इसलिये फिल्मों की...
विश्व पुस्तक मेले का दिल्ली के प्रगति मैदान में आज से आगाज़ हो रहा है. ऐसे में कई नई-पुरानी किताबों की चर्चा होगी. पर मैं थोड़ा ओल्ड स्कूल हूं और इस मामले में भारतीय चिंतन परंपरा की पारायण विधा...

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